- सिंहस्थ के लिए पुलिस को तैयार कर रहा प्रशासन: उज्जैन में पुलिस अफसरों की 21 दिन की खास ट्रेनिंग शुरू, 41 विषयों पर रहेगा फोकस; 117 अधिकारी बनेंगे “मास्टर ट्रेनर”
- उज्जैन में भस्म आरती में शामिल हुए बिहार के पूर्व डिप्टी CM विजय सिन्हा: नंदी हॉल में बैठकर किए दर्शन, महाकाल से मांगा आशीर्वाद
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: त्रिपुण्ड, त्रिशूल और डमरू से सजे बाबा, गूंजी ‘जय श्री महाकाल’
- उज्जैन में तपिश का प्रकोप: 40-41°C पर अटका पारा, अगले 4 दिन में और बढ़ेगी गर्मी; स्वास्थ्य विभाग सतर्क, हीट मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर सख्ती: मुख्य सचिव ने कहा—समय से पहले पूरे हों काम, बारिश से पहले बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें; मेडिसिटी, सड़क और पुल निर्माण की भी समीक्षा की
गांधीजी कितना चले, कितना लिखा और किस बात ने सर्वाधिक परेशान किया, पढ़िए खास बातें…
गांधीजी ने कहा था-देश भ्रमण में मुझे सर्वाधिक तकलीफ गंदगी देखकर हुई। हमारी गरीबी की वजह स्वच्छता का अभाव है। साफ-सफाई से लाखों रु. बचाए जा सकते हैं।
40 साल के स्वाधीनता संग्राम के दौरान गांधीजी हर रोज 18 किमी चले। इस लिहाज से उन्होंने 79 हजार किमी की दूरी तय की। यह दूरी धरती के दो चक्कर लगाने जितनी है।
गांधीजी ने जीवन में करीब 1 करोड़ शब्द लिखे। रोज औसतन 700 शब्द लिखते थे। उनके लिखे 50 हजार डॉक्यूमेंट सुरक्षित हैं। वे सीधे और उल्टे दोनों हाथों से लिख लेते थे।
गांधीजी 14 बार गिरफ्तार हुए और छह साल जेल में रहे। यदि अपनी सभी जेल टर्म पूरे करते तो उन्हें 11 साल 19 दिनों की सजा होती। जीवन में 1341 दिन उपवास किया।